मंडलायुक्त रोशन जैकब जिले पहुंची तो लोहार बढ़इया समाज की महिलाओं का दर्द छलक पड़ा। मंडलायुक्त से महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई कि रहने के लिए ना तो उनके पास आवास और न ही भूमि है। काफी समय से पहले भूमि का पट्टा दिए जाने की बात कही गई थी। बावजूद इसके नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) भूमि पट्टा का लाभ नहीं दिया है। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और भरोसा दिया कि वह इस संबंध में ईओ से बात करके उन्हें जल्द रहने के लिए भूमि दिलाएंगी। बचत भवन में मंडलायुक्त अधिकारियों के साथ बैठक कर रही थीं। विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष राजेश कुरील की अगुवाई में लोहार बढ़इया समाज की महिलाएं मंडलायुक्त से मिलने पहुंची थी। पुलिस कर्मियों ने समाज के लोगों को मंडलायुक्त से मिलने से रोक दिया। इससे वह सभी नाराज थी। मंडलायुक्त जैसे ही गाड़ी पर बैठकर जाने लगी, वैसे ही महिलाओं ने उनकी गाड़ी के सामने आकर उन्हें रोक लिया। मंडलायुक्त ने तुरंत गाड़ी रुकवाई और महिलाओं से बातचीत की। नगीना ने बताया कि सडक़ों के किनारे तंबू तानकर हम लोग परिवार के साथ रहते हैं। आवास का लाभ आज तक नहीं मिला। भूमि आवंटित किए जाने के लिए प्रशासन की तरफ से पालिका के ईओ को कहा गया था। आज तक उन्हें भूमि का पट्टा नहीं मिला। विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि चार पीढ़ियों से सिविल लाइन, मुंशीगंज, कैनाल रोड पर लोहार बढ़इया समाज के लोग रहते हैं। समाज के लोग काफी समय से भूमि का पट्टा मांग रहे हैं, जिसे पूरा नहीं किया जा रहा है। पालिका के अधिकारी और जिला प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। मंडलायुक्त से मिलकर लोहार बढ़इया समाज के लोगों की समस्या बताई है। उन्होंने समस्या दूर कराने की बात कही है।