गरीबों के रहने के लिए बनाई गई कांशीराम कॉलोनी के 1800 आवास जर्जर हैं। ऐसे में इन आवासों में रहने वाले 10 हजार से ज्यादा लोगों की जिंदगानी में खतरे में हैं। मामले को गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका की ओर से सभी को नोटिस जारी की गई और बताया गया कि आवास जर्जर हालत में हैं। जल्द आवासों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश में आवासों के ढहने का खतरा बढ़ जाएगा। जर्जर आवास होने से लोग खौफ में हैं और डरे हुए हैं। साल 2010 में मायावती सरकार में शहर के महराजगंज रोड पर कांशीराम कॉलोनी वन और कांशीराम काॅलोनी-2 बनवाई गई थी। दोनों कॉलोनियों में 18 आवास हैं। साल 2021 में आवासों को गरीबों के नाम आवंटन किया गया है। दोनों जगहों पर 10 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। हालात ये हैं कि दोनों कॉलोनियों में बने आवास पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं। सीढि़या, छज्जे व छतें जर्जर हैं। प्लास्टर गिर रहा है।