ऊंचाहार नगर के इमामबाड़ा से रविवार की दोपहर दसवीं मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। इमामबाड़ा से कर्बला तक या हुसैन या हुसैन गूंजता रहा। जुलूस अपने परंपरागत रास्ते होकर नगर की जामा मस्जिद पर पहुंचा तो अजादारों ने जंजीर का मातम किया। मौलाना हसनैन नकवी ने तकरीर पेश की। उन्होंने कहा कि कहा मानवता के खिलाफत करने वालों के खिलाफ आवाज उठाना हमारा धर्म है। इसलिए यह जुलूस आतंकवाद के विरोध में निकाला जाता है। 14 सौ वर्ष पहले रसूल के नवासे हुसैन ने जालिम बादशाह यजीद के खिलाफ आवाज उठाई थी। ज़ुल्म के खिलाफ आवाज उठाने वाले बहुत ताकतवर होते हैं। हुसैन को कर्बला में तलवार से मारा गया था इसलिए जंजीर व तलवार का मातम हम किसी डराने के लिए बल्कि उनकी याद में करते हैं। हिंदू ,मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी को दानवों के खिलाफ आवाज उठानी पड़ेगी। हिंदुस्तान ने हमेशा जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई है।