बांदा-बहराइच राजमार्ग पर गेगासों गंगा पुल से वाहनों का आवागमन रोक दिए जाने से स्थानीय के अलावा अन्य जनपदों से आने वाले मुसाफिरों की परेशानी बढ़ गई है। सात महीने पहले जब एनएचएआई के अफसरों ने पुल की मरम्मत कराई थी। यदि उसी समय चेत जाते यह नौबत नहीं आती। मरम्मत के दौरान भी करीब 20 दिन तक पुल से भारी वाहनाें का आवागमन ठप रहा। दोबारा एक्सपर्ट पुल की जांच कर सकते हैं। इसके बाद मरम्म्त का काम शुरू कराया जाएगा। बांदा-बहराइच हाईवे पर गेंगासों के पास गंगा नदी में 1976 में पुल बनवाया गया था। इस हाईवे से रायबरेली के अलावा बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी जिले के लोगों को फतेहपुर जाने के लिए यह सीधा हाईवे था। तीन दिन पहले पुल से वाहनों का आवागमन रोक दिया। अब वाहन लालगंज, मुराईबाग होते हुए फतेहपुर निकल रहे हैं। इससे करीब 15 से 20 किमी. का चक्कर काटना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जिस समय मरम्मत कराई गई, उसी समय पुल को ठीक तरीके से मरम्मत करा दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऊपर से दिल्ली रिपोर्ट भेज दी गई कि पुल का मरम्मत कार्य हो गया है। गेगासों गंगा पुल से आवागमन भले ही रोक दिया गया है, लेकिन वाहन चालकों की सुविधा के लिए संकेतक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इस वजह से बड़ी संख्या में वाहन चालक गंगा पुल तक पहुंचकर वापस लौट आते हैं। वाहन चालक रामकुमार, राहुल मुरारका, आशुतोष सोनी ने बताया कि पुल से आवागमन रोके जाने से फतेहपुर जाने के लिए 15 से 20 किमी. का चक्कर काटना पड़ रहा है। हर जगह मोड पर संकेतक लगा दिए जाए, तो वाहन चालकों को सहूलियत मिलेगी। यही वजह है कि हम लोग वाहन लेकर पुल के करीब तक आ गए। बाद में पता चला कि पुल से आवागमन बंद है। नए सिरे से कराई जाएगी मरम्मत: एनएचआईए के साइट इंजीनियर अंशुमान श्रीवास्तव का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुल से आवागमन रोक दिया गया है। अभी एक बार फिर एक्सपर्ट जांच कर सकते हैं। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।