रायबरेली में सर्दी का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन सर्दी नए रूप में लोगों की परीक्षा ले रही है। कभी कोहरा तो कभी पाला, इससे पार पाने में लोगों को मुश्किल हो रही है। पिछले 12 दिनों से सर्दी एक कठिन परीक्षा सरीखी हो गई है। आम जनजीवन की रफ्तार धीमी हो गई है। घर हो या दुकान, सभी की जुबान पर सर्दी की ही चर्चा है। यह सर्दी कब कम होगी, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि जिस तरह से मौसम का मिजाज है, उससे सर्दी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। सतांव के किसान फूलचंद व विनोद कुमार का कहना है कि कोहरे के कारण उनकी फसलों को नुकसान हो रह है। सरसों व मटर व आलू की फसल को रोग लगा रहा है। जिसके बचाव के लिए खेत पर समय गुजारना पड़ रहा है। किसान मनोज कुमार व श्रीपाल ने बताया कि सरसों की फसल में माहू तथा आलू की फसल में झुलसा लगने लगा है तो सब्जी की फसल पाला पड़ने से खराब होने लगी है। मंगलवार को भी सर्दी का सितम रहा। धूप नहीं निकली और लोग सर्दी से कंपाकंपाते दिखे। अवकाश होने के कारण लोग घरों पर ही रहे। बाजारों में भी चहल पहल कम रही। सुबह कोहरा पड़ा तो पूरे दिन धुंध के साथ बदली छाई रही। अधिकतम तापमान 17 डिग्री व न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहा।न्यूनतम तापमान औसत से 4 डिग्री की कमी रही। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ मैदान इलाकों में पश्चिम की हवा चल रही है।