यूपी के रायबरेली में गुरुवार की शाम 3 बजे खीरो माइनर की पटरी कट जाने से लगभग 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई। रातभर पटरी की कटान बंद न होने से पानी गांव के तीन तरफ स्थित घरों के किनारे तक पहुंच गया। नहर विभाग के कर्मचारियों को सूचना देने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। तब प्रधान ने ग्रामीणों के सहयोग से पटरी को बंधवाया। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। घटना खीरों विकासखंड के सुरजबली खेड़ा उर्फ कुम्हारन खेड़ा गांव के पास की है। शिवराज बली खेड़ा उर्फ कुम्हारन खेड़ा गांव के प्रधान सर्वेश यादव, किसान बच्चन लाल आदि का कहना है कि बीते 15 दिनों से खीरों माइनर उफनाने के बाद बृहस्पतिवार की शाम मंगल प्रसाद व देशराज यादव के खेत के पास नहर की पटरी कट गई। इससे पंचायत भवन के चारों तरफ, शौचालय व आरसी सेंटर के अंदर, गंगा चरन व संतलाल के दरवाजे पानी भरने के साथ ही किसान शिवपाल, राजकुमार, सुंदर, विनोद, कालिका प्रसाद, रमपाता, कालीशंकर, बिंदा देई, राम बहादुर आदि किसानों की लगभग 50 बीघे से अधिक गेंहू, लाही आदि की फसल में पानी भर गया।