पहाड़ी क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभावित करने वाला स्क्रबटाइफस रजिले के बच्चों को भी चपेट में ले रहा है। पहली बार जिले में स्क्रबटाइफस के चपेट में बच्चे आए हैं। जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की जांच में जिले में 15 दिन में स्क्रटाइफस के छह मरीज मिल चुके हैं। इसमें कई मरीजों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। स्क्रबटाइफस की चपेट में आने के बाद मरीज के जोड़ों में असहनीय दर्द होता है। घासफूस में होने वाले बहुत ही छोटे मच्छरों के काटने से यह बीमारी होती है। जिला अस्पताल में इस समय मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। खासकर मच्छर जनित रोगों ने पैर फैलाए हैं। डेंगू, जेई और एईएस के साथ स्क्रबटाइफस भी फैल रहा है। बीमारी की गंभीरता दो देखते हुए बच्चा वार्ड में व्यवस्था की गई है। साथ ही साफ-सफाई को लेकर स्वस्थ्य विभाग अलर्ट है। चिकित्सकों ने इसे लेकर एहतियात बरतने की भी सलाह दी है। बच्चों के मच्छरों से कैसे बचाया जाए, इस पर भी गाइडलाइन जारी की गई है।