रायबरेली में मौरावां रजबहा से निकली नरीचक माइनर पर भागी खेड़ा, खगिया खेड़ा व अर्जुन खेड़ा गांवों के निकट बनी पुलिया ध्वस्त हो गई हैं। कई ग्रामीण यहां से निकलते समय गिरकर चोटिल हो चुके हैं। लेकिन, हैरत है कि वर्षों से टूटी पड़ी इन पुलियों के जीर्णोद्धार पर किसी का ध्यान नहीं गया। जानकारी देने जाने के बावजूद जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाई गई पुलिया अब समस्या बन गई हैं। करीब 18 किमी लंबी नरी चक माइनर का टेल सतांव ब्लॉक के बरदर गांव के पास सरि नाले में समाप्त होता है। नहर का लगभग छह किमी भाग रायबरेली में है। इसमें बंडे, भागी खेड़ा, बांदा-बहराइच राजमार्ग, खगिया खेड़ा व अर्जुन खेड़ा गांव के पास पुलिया बनी हैं। भागी खेड़ा के पास बनी पुलिया की दोनों तरफ की रेलिंग टूट चुकी है। खगिया खेड़ा गांव के पूर्व दिशा में बनी पुलिया की छत का करीब दो फुट का हिस्सा टूटकर नहर में गिर गया है। इससे पुलिया के बीचोबीच एक बड़ा होल हो गया है। इसकी रेलिंग भी टूट रही है। अर्जुन खेड़ा गांव के पास बनी पुलिया पूरी तरह ध्वस्त है। न रेलिंग बची है, न छत। ग्रामीणों ने अपनी सुविधा के लिए इस पुलिया की जगह, सीमेंट पाइप डाल लिया है। दोनों ओर झाड़ियों से घिरे इस स्थान पर अनेक लोग चोटिल हो चुके हैं। ये सभी पुलिया लगभग 30 गांवों को जोड़ती हैं। इससे लगभग 20 हजार लोगों का आवागमन रहता है।