लंबित मांगों के विरोध में ब्लॉक परिसर में 15 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसान डटे हुए हैं। तीन किसानों की हालत शनिवार को बिगड़ गई थी। इसके बाद भी किसान धरने से हटने को तैयार नहीं हैं। उधर, किसानों के बीमार होने पर अधिकारी वार्ता करने आए। अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों ने कहा कि पहले मांगों को पूरा करो, उसके बाद धरना समाप्त किया जाएगा। खीरों ब्लॉक परिसर में विद्युत विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग समेत कई विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर नौ नवंबर से किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी व्यथा सुनने कोई नहीं आया। बुजुर्ग किसान नेता विष्णु स्वरूप शुक्ला की तबियत खराब हो गई है। इसकी जानकारी होने पर सीएचसी से डॉ. मंजू व फार्मासिस्ट विजय त्रिपाठी टीम के साथ धरना पर पहुंचे। सभी किसानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान बुजुर्ग किसान नेता विष्णु स्वरूप शुक्ला के अलावा प्रह्लाद व विशनू पासी बीमार मिले। नायब तहसीलदार लालगंज उमेश चंद्र त्रिपाठी, राजस्व टीम, प्रभारी थानाध्यक्ष बालेंदु गौतम के साथ ब्लॉक आए। समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिया, लेकिन इस आश्वासन पर किसान सहमत नहीं हुए। कहा पहले समस्याओं का निस्तारण हो। किसानों ने चेतावनी दी कि दो दिन में समस्याएं दूर नहीं हुई तो मंगलवार को जिले भर के किसान नेता धरना में शामिल होंगे। इस मौके पर रामकृष्ण यादव, दिलीप यादव, कृष्ण कुमार कुशवाहा, शिवकरन यादव, राजेंद्र यादव, श्रीनाथ, अच्छेलाल, मानकुमारी, फूलमती, कमला, तारावती मौजूद रहे।