रायबरेली में मौसम के बदलते मिजाज से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। वहीं अधिकतम तापमान घटने से सर्दी ने जोर पकड़ा है। शनिवार को हुई छुटपुट बारिश के कारण सरसों, आलू व सब्जी के किसानों को उनकी फसल खराब होने का डर बना हुआ है। वहीं जिन किसानों ने सरसों की फसल के बाद गेहूं की बुवाई करनी रहती है। उनको बुवाई करने के लिए समय निकलता जा रहा है। शुक्रवार रात से मौसम बदल गया और रात करीब दस बजे हल्की बारिश हूई। उसके बाद पूरे दिन बूंदाबांदी के साथ बदली छाई रही। अचानक बदले मौसम के कारण हुई बूंदाबांदी से गेहूं की सिंचाई करने वाले किसानों को फायदा है तो तिलहन तथा आलू की खेती करने वाले किसानों को चिंता सताने लगी है। पूरे समशेर गांव दिल बहार ने बताया कि वह दो बीघा सरसों की बुवाई की है। इस समय सरसों फूल ले रहा है। उन्होंने बताया कि अचानक हुए मौसम परिवर्तन से सरसों की फ़सल का नुक़सान होंगा। पूरे घासी गांव निवासी निवासी सुनील कुमार त्रिवेदी ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल की सिंचाई कर चल रही है। उन्होंने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल को काफी फायदा होगा। शनिवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी होने से किसने की चिंताएं बढ़ गई हैं। सरेनी के किसान रजनीश सिंह निवासी शीतल खेड़ा ने बताया कि करीब 6 बीघा आलू की फसल सितंबर मैं लगाई गई थी जिसका खुदाई का समय चल रहा है। यदि इसी तरह मौसम रहा तो फसल को नुकसान होगा। क्षेत्र के मनेर सिंह बताया कि आलू की फसल वह गोभी की फसलों में यदि लगातार बरसात हुई तो नुकसान होने की संभावना है।