पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र के पहले ही दिन जंगल के नियम हवा में उड़ते नजर आए। वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना जैसे ही सफारी वाहन से जंगल में आगे बढ़े। जन प्रतिनिधियों के समर्थक और अफसरों की गाड़ियों का काफिला भी धड़धड़ाते हुए जंगल में घुस गया। इनमें सीडीओ, एसडीएम, सीओ, ब्लॉक प्रमुख और अन्य पदनाम लिखी गाड़ियां मनमाने तरीके से वन कर्मियों के सामने से जंगल में चली गईं। इन गाड़ियों को आगे जाने के दौरान बच्चों और अन्य सैलानियों की गाड़ियों को रोक दिया गया। बच्चे काफी देर तक रुके रहे। निजी वाहनों का काफिला जंगल के अंदर चला गया। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी संभालने वाले डीएफओ मनीष सिंह जंगल सफारी के साथ ही जंगल में थे। मामले में वन संरक्षक पीपी सिंह ने बताया कि शुभारंभ का अवसर था। कुछ वाहन थे। निजी वाहन जंगल में गए हैं, इस मामले को दिखवाएंगे। बता दें कि जंगल में निजी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है।