मुजफ्फरनगर में करीब 17 साल पहले लूट की वारदात के दौरान उद्यमी दीपेश गोयल की हत्या के मामले में अदालत ने साक्ष्याें के अभाव में छह आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। आयुध अधिनियम में एक दोषी को दो साल के कारावास की सजा सुनाई गई। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-एक के पीठासीन अधिकारी गोपाल उपाध्याय ने की। सिविल लाइन निवासी उद्यमी दीपेश गोयल (27) की मेरठ रोड पर सुजडू के पास केमिकल फैक्टरी थी। 22 जुलाई 2009 को लूट की वारदात के दौरान बदमाशों ने गोली मारकर उद्यमी की हत्या कर दी थी। प्रकरण का मुकदमा वादी अमित गोयल ने अज्ञात में दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद वसीम, ताहिर, शाहिद, गुलफाम , शहरयाब और आस मोहम्मद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-एक में हुई। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में हत्या के मुकदमे में आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। आरोपी बनाए गए सुजडू निवासी आस मोहम्मद पर आयुध अधिनियम में दोष सिद्ध हुआ। दोषी को दो साल का कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।