मुजफ्फरनगर। थाना ककरौली पुलिस ने फर्जी मेडिकल नर्सिंग डिप्लोमा, प्रमाण पत्र व मार्कशीट बनाने वाले गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें कई अच्छे अस्पतालों में नौकरी कर रहे थे। उनसे फर्जी डिप्लोमा मार्कशीट, प्रिंट करने का कंप्यूटर संबंधी सामान बरामद हुआ है। एक फर्जी प्रमाण पत्र 25 हजार रुपए में बेचते थे। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि ककरौली पुलिस ने जटवाड़ा चौकी क्षेत्र में चेकिंग कर पांच आरोपियों को पकड़ा। उनकी निशानदेही पर पांच अन्य आरोपियों को मेरठ स्थित न्यूट्रिमा हॉस्पिटल व हिम्स हॉस्पिटल से गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी एक गिरोह के तहत क्षेत्र के युवाओं को फर्जी तरीके से तैयार किए गए मेडिकल नर्सिंग डिप्लोमा, प्रमाण पत्र व फर्जी मार्कशीट 25 हजार रुपए प्रति दस्तावेज बेचते थे। जो महिलाएं व युवा इन दस्तावेजों को खरीदते थे ।वह मेरठ सहित अन्य स्थानों पर नामचीन अस्पतालों में नौकरी करते हैं। वे अस्पतालों में भर्ती होने के बाद मरीजों की देखभाल के साथ-साथ मरीज को इंजेक्शन भी लगाते हैं। कुछ युवक अच्छे अस्पतालों के आईसीयू में भी काम करते हैं। एक आरोपी कुलदीप मेरठ में साइबर कैफे चलाता था। वर्ष 2020 से इनका यह काम चल रहा था। फर्जी दस्तावेज तैयार करके ये महाराष्ट्र, नोएडा, मध्य प्रदेश, शामली, मेरठ व बिजनौर सहित भारत के कई स्थानों पर युवाओं को डिग्रियां बेचते थे। भर्ती किए गए युवाओं को अधिकतर मेरठ में नौकरी दी जाती थी। एसएसपी ने आगे की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। इस गिरोह का पर्दाफाश करने वाली थाना ककरौली पुलिस टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपए नगद इनाम देने की घोषणा की है। प्रेस वार्ता में एसपी देहात अक्षय संजय महादिक, सीओ भोपा देवव्रत वाजपेई व थानाध्यक्ष ककरौली जोगेंद्र सिंह मौजूद रहे। आरोपियों से 10 मोबाइल फोन, एक हार्डडिस्क, 17 पारदर्शी फाइलों में फर्जी डिप्लोमा व मार्कशीट, दो सीपीयू, दो मॉनीटर, एक माउस, एक प्रिंटर मशीन, एक लेमिनेशन मशीन, स्टेपलर, 11 पारदर्शी फाइलों में आईडी, फोटो पेपर, एक बाइक बरामद की गई है।