मुजफ्फरनगर जनपद में रामपुर तिराहा स्मारक स्थल के लिए भूमि के दानदाता पंडित महावीर शर्मा की प्रतिमास्थल का निर्माण शुरू हो गया है। परिवार और गांव के सदस्य पहुंचे। उत्तराखंड शहीद स्मारक के लिए महावीर शर्मा ने 1995 में एक बीघा भूमि दान की थी। यही नहीं उन्होंने आसपास के गांवों के लोगों से चंदा एकत्रित कर स्मारक बनवाया। वर्ष 2003 में तत्कालीन सीएम नारायण दत्त तिवारी ने भव्यता देने की पहल की। इसके बाद महावीर शर्मा से साढ़े छह बीघा जमीन खरीदी और पूरी साढ़े सात बीघा भूमि पर भव्य स्मारक स्थल तैयार हुआ। मंगलवार को स्मारक स्थल पर उनके पुत्र पप्पू शर्मा, पौत्र शुभम शर्मा, प्रधान विनोद शर्मा, भाजपा नेता नरेश कुमार, पंकज शर्मा, अनिमेष, अभिषेक, जयकुमार, रामकुमार, नरेश शर्मा, उत्थान शर्मा मौजूद रहे। क्या था मामला एक अक्तूबर 1994 की रात को अलग राज्य की मांग को लेकर उत्तराखंड से आंदोलनकारी बसों से दिल्ली जा रहे थे। उन्हें छपार थाना क्षेत्र के रामपुर तिराहे पर पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो लाठीचार्ज कर दिया। आंदोलनकारियों को रामपुर तिराहे के निकटवर्ती गांवों के लोगों ने आश्रय दिया। रामपुर, सिसौना, मेदपुर और बागोवाली गांव के लोग पीड़ितों की सुरक्षा के लिए आगे आए थे। पंडित महावीर शर्मा ने अग्रणी भूमिका निभाई थी।