मुरादाबाद में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए वह लगातार जनजागरण अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में अब तक 250 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार का व्यापक जनसंपर्क अभियान किसी राजनीतिक नेता ने भी नहीं चलाया है। शंकराचार्य ने कहा कि उनका उद्देश्य प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों तक पहुंचना है। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को लखनऊ में एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें गोरक्षा और गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन परंपरा के सामने सबसे बड़ी चुनौती नकली हिंदुओं से है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक गोवंश का वध हो रहा है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंचों से गाय को गोमाता कहते हैं लेकिन सरकारी अभिलेखों में आज तक उसे केवल पशु के रूप में ही दर्ज किया गया है। शंकराचार्य ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गाय को गोमाता घोषित किया था। ऐसे में उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अब तक ऐसा निर्णय नहीं लिया जाना सवाल खड़े करता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मतदान के समय ऐसे प्रत्याशियों और दलों का समर्थन करें, जो गोमाता की रक्षा के पक्षधर हों और गोहत्या का समर्थन करने वालों के पक्ष में मतदान न करें। प्रेस कांफ्रेंस के अंत में उन्होंने गोरक्षा को लेकर अपने अभियान को और तेज करने का एलान किया तथा कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को इस विषय पर जागरूक करने का प्रयास जारी रहेगा।