वर्ष 1995 से आज तक एक साल भी ऐसा नहीं गुजरा जब देश में कोई न कोई चुनाव न हुआ हो। बार-बार चुनाव से इसकी निष्पक्षता चुनौती बन जाती है। समय, पैसा, श्रम बार-बार खर्च होता है, जो देश के विकास में बाधक है। एक वोट पर 1400 रुपये खर्च होते हैं, जो जनता के ही हैं। इसलिए एक देश-एक चुनाव किसी दल से ज्यादा देश के लिए जरूरी है। यह बातें भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने एक देश-एक चुनाव विषय पर आयोजित संवाद के दौरान कहीं। वह योमीना फाउंडेशन द्वारा टिमिट सभागार में आयोजित कार्यक्रम द पांचाल डायलाॅग में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। एक देश-एक चुनाव की जरूरत क्यों है, विषय पर उन्होंने अपने विचार रखे।