ऋणमुक्तेश्वर मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक व्योम त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं से कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। इसके श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार होता है तथा आत्मिक शांति प्राप्त होती है।