श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन पीयूष अग्रवाल ने व्यास पीठ का पूजन किया। पंडित सतीश उनियाल ने भागवत का मूल पाठ किया। कुरुक्षेत्र से आए साक्षी गोपाल दास ने मंगलाचरण के बाद भगवान के 24 अवतारों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण साक्षात भगवान का स्वरूप है और इसमें मनुष्य जीवन की समस्याओं का समाधान मिलता है।