आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। सरकार से अपनी लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे वर्षों से मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो नियमित कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही सम्मानजनक मानदेय।