मिर्जापुर जिले के चहनियां क्षेत्र के प्रभुपुर गांव में सरकारी चकरोड पर वर्षों से कब्जा होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि चकरोड पर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं और जहरीले जीव-जंतुओं का बसेरा हो गया है, जिससे राह चलना भी मुश्किल हो गया है। गांव निवासी वायुनंदन त्रिपाठी ने आराजी नंबर 311 पर चकरोड निर्माण के लिए उपजिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर एसडीएम सकलडीहा द्वारा चकरोड निर्माण कराने के निर्देश भी दिए गए, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद प्रधान और सचिव ने कार्य शुरू कराना उचित नहीं समझा। पीड़ित का कहना है कि कई बार खंड विकास अधिकारी से मिलने पर उन्हें एक सप्ताह के भीतर काम शुरू कराने का आश्वासन मिला, लेकिन इसी बीच अधिकारी का तबादला हो गया और मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान और सचिव मौके पर पहुंचकर विपक्षियों से बातचीत करते हैं और अगले दिन कार्य शुरू कराने का आश्वासन देकर लौट जाते हैं, लेकिन वर्षों से यही सिलसिला चल रहा है और जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा। यहां तक कि सचिव ने पीड़ित से साफ कह दिया कि वह इस कार्य को कराने में असमर्थ हैं।