मिर्जापुर में मां विन्ध्यवासिनी का विंध्यधाम इस नवरात्रि भक्तों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। कभी जहां संकरी गलियां थी वहीं अब चौड़ा मार्ग है इसके साथ ही मंदिर का परिक्रमा पथ माता के भक्तों को पुण्य प्रदान कर रहा है। पूरे विंध्य धाम को गुलाबी पत्थर से सजाया गया है। जगह की कमी से सिसक रही मंदिर की दीवार अब आजाद हो गई है और मंदिर का पूर्ण आकर्षण दिख रहा। मंदिर तक पहुंचने के लिए चार द्वार बने है इन द्वार पर राजस्थान के कारीगरों ने हाथ से काम किया है। मंदिर के चारों तरफ परकोटा बनाया गया है, जिसमें यज्ञशाला,वीआईपी रूम, कंट्रोल रूम और क्लाक रूम के साथ पुरोहितों के बैठने की व्यवस्था बनाई गई है। विंध्यधाम चूंकि साधना का केंद्र भी माना जाता है लिहाजा साधकों के लिए साधना केंद्र बनाया गया है। इन सबके अलावा परिक्रमा पथ लगभग पचास फीट का बनाया गया है जिससे भक्त माता के धाम की परिक्रमा कर सकते हैं इसी पथ का एक मार्ग गंगा के घाट तक भी जाता है जिससे आप गंगा स्नान के बाद सीधे माता के दरबार में प्रवेश कर सकते हैं। व्यवस्था पर गौर करें तो मंदिर में कतार को व्यवस्थित करने के लिए स्टील की रेलिंग लगाई गई है और सुरक्षा के लिहाज से 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जो हर एक जगह पर अपनी पैनी निगाह रखे हुए हैं। पूरे मंदिर परिसर में प्रकाश की उत्तम व्यवस्था है इसके साथ ही साज सज्जा के लिहाज से फसाड लाइटें भी लगाई गई हैं जो शाम होते ही मंदिर की अलग छटा प्रदान करती हैं। आपको बता दें कि पहले विंध्यधाम में संकरी गलियां थी उन गलियों से गुजरते लोगों की लंबी कतार दर्शन में असुविधा पैदा करती थी लेकिन विंध्यकॉरीडोर के बनने के बाद अब भक्त इस अनोखे आकर्षण से मोहित होते दिखे। माता के दरबार में हाजिरी लगाकर जयकारे लगाए गए।