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Meerut: दायरा बढ़ाया तो युवा ने अपनाया शास्त्रीय संगीत: पूरबायन चटर्जी

मेरठ। नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षाग्रह में आभूषण व्यवसाई के द्वारा आयोजित कार्यक्रम से पूर्व राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सुप्रसिद्ध सितार वादक पंडित पूरबायन चटर्जी की प्रेसवार्ता हुई। उन्होंने कहा कि युवा शास्त्रीय संगीत को अपना रहे हैं। कल और संगीत को उन्होंने मानव शरीर के लिए ऑक्सीजन के समान बताया। संगीत सुनने से स्ट्रेस खत्म हो जाता है। हम चिंता मुक्त होकर ऊर्जा प्राप्त करते हैं। पूरबायन चटर्जी ने बताया कि कोलकाता में जन्म हुआ। पंडित रवि शंकर और जाकिर हुसैन जैसे संगीत सम्राट से प्रेरणा मिली। समय के साथ खुद बदलना जरूरी है। हर रोज नया सीखने के लिए प्रशिक्षण आवश्यक है। इसलिए वाद्य यंत्रों में भी कुछ न कुछ परिवर्तन करते रहते हैं। शास्त्रीय संगीत दिल की भावना को दर्शाता है। हर ताल, लय, धुन मन का आईना दिखाती है। ज्वेलरी को हम पॉलिश करते हैं तो उसका स्वरूप बदल जाता है। उसी प्रकार संगीत अंदर तक मन को शुद्ध कर देता है। अब टेक्नोलोजी का भी लाभ मिल रहा है।

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