मेरठ। पिछले दिनों कई ऐसी दुर्घटनाएं शहर और देहात में हुई हैं, जिसमें मासूम बच्चों की जान चली गई। बावजूद इसके प्रशासन की आंखे अब भी नहीं खुली। नौनिहालों की जान से खिलवाड़ लगातार जारी है। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को ई-रिक्शा के पीछे बिना किसी सुरक्षा के बैठा दिया जाता है। यदि, गड्ढे में पहिया पड़ जाए तो झटके से बच्चे नीचे गिर सकते हैं। लेकिन स्कूल संचालकों और ई रिक्शा चालकों को इसकी कोई परवाह नहीं।