मेरठ। अष्टमी और नवमी पर होने वाले कन्या पूजन की परंपरा में अब एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। लोग अब परंपरागत उपहारों की जगह आधुनिक और उपयोगी वस्तुओं को भेंट के रूप में दे रहे हैं। यह प्रवृत्ति देशभर में तेजी से बढ़ रही है, लोग कन्याओं को कपड़े, स्टेशनरी, खिलौने और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं दे रहे हैं। सदियों से चली आ रही कन्या पूजन की प्रथा में पहले फल, मिठाई, दक्षिणा और छोटी-मोटी श्रंगार सामग्री देने का चलन था। हालांकि, पिछले कुछ समय से इसमें एक स्पष्ट परिवर्तन देखा जा रहा है। अब लोग ऐसी चीजें देना पसंद कर रहे हैं जो कन्याओं के लिए अधिक व्यावहारिक और लाभकारी हों। कई परिवारों में अब पहले से ही यह तय कर लिया जाता है कि वे इस बार कन्याओं को क्या विशेष और उपयोगी उपहार देंगे। यह प्रवृत्ति शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे अपनी जगह बना रही है। सामाजिक बदलावों और आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव से यह परिवर्तन स्वाभाविक रूप से सामने आ रहा है।