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Meerut: आने वाली पीढ़ियों के लिए वरदान है जैविक खेती : पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी

डिंपल सिरोही Updated Fri, 06 Feb 2026 04:49 PM IST

हस्तिनापुर। राजकीय महाविद्यालय में शुक्रवार को ऑर्गेनिक खेती विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. विनीता राठी, मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी, विशिष्ट अतिथि प्रो. आलोक देशवाल (पूर्व वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र इंदौर) एवं प्रो. जितेंद्र कुमार आर्य (नोडल ऑफिसर, नेचुरल फार्मिंग, कृषि विज्ञान केंद्र हस्तिनापुर) द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर प्रो. जितेंद्र कुमार आर्य ने जैविक खेती की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इसके विभिन्न चरणों, उद्यम के रूप में संभावनाओं तथा पर्यावरण, मृदा और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी ने कहा कि जैविक खेती को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए, क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए वरदान सिद्ध होगी। उन्होंने प्रिंसिपल ऑफ प्रोस्पेरिटी, इकोलॉजी और डाइवर्सिटी की व्याख्या करते हुए जैविक खेती में उद्यमिता की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया। साथ ही बताया कि सरकार जैविक खेती के सर्टिफिकेशन को सरल बनाकर युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने जैविक खेती के तीन प्रमुख घटक—उत्पादन, प्रोसेसिंग और सर्टिफिकेशन—पर विशेष ध्यान देने की बात कही। विशिष्ट अतिथि प्रो. आलोक देशवाल ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मृदा तत्वों की कमी और उससे होने वाली बीमारियों पर आंकड़ों सहित जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो. विनीता राठी ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत महाविद्यालय में ऑर्गेनिक फार्मिंग को स्किल डेवलपमेंट कोर्स के रूप में शामिल किया गया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोनू सिंह ने किया। इसमें शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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