मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले में आयोजित "मयूर महारास संग फूलों की होली" एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में कलाकारों ने धार्मिक और सांस्कृतिक गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर ब्रज संस्कृति की छटा बिखेरी। श्रद्धा, भक्ति और रंगों से सराबोर प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में कलाकार सरिता यादव ने कथक, रंगमंच और लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। सरिता यादव वर्ष 2010 से लगातार मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से कला और संस्कृति को बढ़ावा देती आ रही हैं। उन्होंने "मेरी बरसाने कुटिया बना दे लाडली", "समाए गई दिल में ओ सांवरिया", "बृज की गली-गली में शोर आयो माखन चोर", "कान्हा मोहे ज्यादा लगे तू प्यारा" और "खुश होंगे कन्हैया लाल, बस राधे-राधे जपा करो" जैसे भक्ति गीतों पर प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। फूलों की होली के विशेष आयोजन में "रंग डारी चूनर कोरी", "रंग लेकर खेलते, गुलाल लेकर खेलते" और "आज बृज में खेले होली मोहन संग राधा गोरी" जैसे गीतों पर रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं, जिनसे पूरा पंडाल भक्तिमय और ब्रजमय वातावरण में रंग गया।