हस्तिनापुर। कहते हैं प्रेम सीमाएं नहीं देखता। वह इंसान और जानवर के बीच भी वैसा ही हो सकता है जैसा इंसान अपने परिवार के साथ महसूस करता है। इसका सुंदर उदाहरण हस्तिनापुर के मखदूमपुर गंगा मेले में देखने को मिला, जहां मवाना निवासी चेतन सिंह सैनी अपने कंधों पर दो नन्हीं गिलहरियों को लेकर पहुंचे। ये दोनों गिलहरियां पिछले छह महीनों से चेतन के साथ ही रहती हैं और उनसे एक पल के लिए भी अलग नहीं होतीं। चेतन बताते हैं कि छह महीने पहले उन्होंने अपने घर में भूसे की कोठरी को हटाया, जहां उन्हें गिलहरी के दो छोटे बच्चे मिले। मां के ना लौटने पर उन्होंने इन बच्चों को घर ले जाकर दूध पिलाया और उनकी देखभाल शुरू की। धीरे-धीरे इन गिलहरियों ने चेतन को ही अपना सहारा और परिवार मान लिया। वे दिन हो या रात, घर हो या बाहर, हर समय उनके कंधे, बांह या गर्दन पर ही लिपटी रहती हैं।