हस्तिनापुर में मौजूद प्राचीन बूढ़ी गंगा किनारे पर्यटन विभाग द्वारा घाट बनाकर इको टूरिज्म बनाने की घोषणा की गई थी। छह महीने बाद भी स्थिति जस की तस है। यह महाभारत कालीन बूढ़ी गंगा की धारा प्रदूषित हो रही है, जिसे रोकने के लिए भी उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं।