सावन शिवरात्रि के मद्देनजर हस्तिनापुर स्थित कांवड़ मार्ग पर शिवभक्ति के अलग-अलग रंग देखने को मिले। कोई शिवभक्त पेट के बल जमीन पर लेटकर आगे बढ़ा तो कोई कमर के बल लेटकर दंडवत यात्रा पूरी कर रहा था। कठिन तपस्या के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम थमे नहीं। हर कदम के साथ उनके मुख से हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे निकले।