श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर असोड़ा हाउस मेरठ में पारसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर श्रद्धा और भक्ति से 23 किलो का लड्डू समर्पित किया। जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ के मोक्ष कल्याणक के पावन अवसर पर मंदिर प्रांगण में भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस दिव्य पर्व पर श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भगवान के जीवन चरित्र और मोक्ष प्राप्ति की घटना को भावपूर्वक स्मरण किया। प्रातः 7:00 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा हुई जिसमें सोधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य नवीन जैन अर्पित जैन अनिल जैन( मवाना वाले) परिवार को प्राप्त हुआ भक्तों ने पारसनाथ भगवान की प्रतिमा पर शांतिधारा की । इसके पश्चात सातवें दिन के विधान प्रारंभ हुआ जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने मांडले पर समर्पित किए भगवान पारसनाथ की पूजन-अर्चना की गई। पंडित श्रद्धांजलि शास्त्री ने मोक्ष कल्याणक के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए कहा -भगवान पारसनाथ का जीवन संयम, त्याग और आत्मकल्याण का आदर्श है। उनका मोक्ष हमें यह संदेश देता है कि आत्मा यदि प्रयास करे तो वह भी सिद्धि को प्राप्त कर सकती है। भगवान पारसनाथ ने सम्म्यक ज्ञान, दर्शन और चरित्र के साथ जीव को मोह से मुक्त कर मोक्ष पद प्राप्त किया। उनका जीवन प्रत्येक साधक के लिए प्रेरणा है कि आत्मा की मुक्ति तप, ध्यान और संयम से ही संभव है।