मेरठ। मवाना चौहान चौक में मोहल्ला काबलीगेट में चल रही श्रीमद भागवत के पांचवे दिन साक्षी गोपाल महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को मनाते हुए बताया किभगवान श्रीकृष्ण का क्षमा प्रदान करना वीरता नहीं, क्षमा गुण धारण करना है जब जीव में अभिमान आता है तो भगवान उनसे दूर हो जाते हैं। जब कोई भगवान को न पाकर विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुष्ठ करते हैं और उसे दर्शन देते हैं।बच्चों को धर्म व अध्यात्म का ज्ञान दिया जाना जाना चाहिए। माता पिता की सेवा करनी चाहिए, अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव को पांच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ था। भगवान के चौबीस अवतारों का वर्णन किया। उन्होंने कृष्ण भगवान की लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि कृष्ण भगवान के जन्म की जानकारी मिलने पर गोपियां व नंद गांव के लोग कृष्ण भगवान को देखने पहुंचे। इस अवसर पर दीपक चौहान, सत्तों देवी ,निपुण चौहान, दीपक कुमार, ममता, नीलम, प्रीति, सोनिया, संगीता, मानवी, आदि रहे।