मेरठ। बगैर फिटनेस के स्कूलों का कोई वाहन सड़क पर नहीं चल सकेगा। जिले में 59 स्कूली वाहन बिना फिटनेस के हैं। ऐसे सभी स्कूल के प्रबंधकों कसे आरटीओ ने 30 जुलाई को बुलाया है। इस दिन स्कूली वाहनों की फिटनेस भी की जाएगी। जिले भर में 1483 स्कूली वाहन हैं। नियमानुसार इन वाहनों का प्रतिवर्ष फिटनेस कराना होता है। एक अप्रैल से नया शिक्षण सत्र शुरू हुआ। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक केवल 1424 स्कूली वाहनों की ही फिटनेस रिपोर्ट जारी की गई है। विभाग ने एक जुलाई से 15 जुलाई तक स्कूली वाहनों की फिटनेस करने और बगैर फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया था। 710 स्कूली वाहन पकड़े थे। जिनमें से आठ के खिलाफ बंद करने की कार्रवाई की गई और 70 वाहनों के चालान किए। अभी भी बगैर फिटनेस के स्कूली वाहन दौड़ रहे हैं। सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस, बीमा,लाइसेंस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र जरूरी होता है। अगर कोई कोई वाहन नियमों की अनदेखी करके सड़क पर चलता पाया जाता है तो चालान और बंद करने की कार्रवाई की जाती है। आरटीओ प्रशासन सुनीता सिंह का कहना है कि प्रत्येक स्कूल वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट होना जरूरी है। इसके लिए 30 जुलाई को सभी स्कूल प्रबंधकों की बैठक बुलायी गई है। इसके साथ साथ संभागीय परिवहन कार्यालय परिसर में स्कूली वाहनों की फिटनेस के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा।