मेरठ। जहां आमतौर पर जेल का नाम सुनते ही सख्ती, अनुशासन और सन्नाटा ऊंची ऊंची दीवारों के बीच अपनो की याद आती है। वहीं मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार एक बार फिर बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करने जा रहा है। यहां सलाखों के पीछे बंद जिंदगी में अब क्रिकेट का रोमांच दौड़ेगा। आईपीएल की तर्ज पर आयोजित होने वाली जेल प्रीमियर लीग न सिर्फ कैदियों के लिए मनोरंजन बनेगी, बल्कि समाज को सुधार और पुनर्वास का एक सकारात्मक संदेश भी देगी। इस जेपीएल के लिए प्रैक्टिस सैशन शुरू हो चुका है। रविवार को फाइनल ट्राइल के बाद जेल की टीमें बन जाएंगी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि हर वर्ष शीतकालीन सीजन में जेल में जेपीएल का आयोजन किया जाता है और इस साल भी इसे बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार बंदियों में टूर्नामेंट को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक जेल की अलग-अलग बैरकों से 29 टीमों ने हिस्सा लेने के लिए आवेदन किया है। सभी टीमों के ट्रायल लिए जा रहे हैं, जिनमें से 8 सर्वश्रेष्ठ टीमों का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही इस बार मीडिया, अधिवक्ता और पुलिस की भी टीमें बनाई जाएंगी।