मेरठ। खून के रिश्ते को 9 बीघा जमीन की हवस ने लहूलुहान कर दिया। बहसूमा के महमूदपुर सिखेड़ा गांव में बड़े भाई कपिल ने छोटे भाई अंकुर 30 वर्ष को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और शव वन क्षेत्र में गाड़ आया। अंकुर 5 मई से गायब था। 23 दिन तक पूरे गांव को नशा मुक्ति केंद्र का झूठ परोसता रहा। बृहस्पतिवार को मौसी जगबीरी की एक तहरीर ने कातिल भाई के चेहरे से नकाब नोच दिया। पुलिस की सख्ती में कपिल टूट गया और जुबान से निकला- हां, मैंने मारा। जमीन के लिए मारा। लेकिन चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं थी। जानकारी पर एसपी देहात अभिजीत कुमार, सीओ मवाना पंकज लवानिया ने थाने पहुंच कर आरोपी कपिल से गहनता से पूछताछ की। बाद में पुलिस आरोपी कपिल को हिरासत में लेकर थाना इंचार्ज रविंद्र कुमार, सीओ पंकज लवानिया गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर घने वन क्षेत्र में घटना स्थल जहां पर शव दबाया था पहुंचे। बाद में फॉरेंसिक टीम ने गड्ढे की खुदाई करीब 12.50 से शुरू से लेकर शव बरामद तक करीब 1.25 बजे तक 35 मिनट तक गहनता से जांच की।