दो सितंबर से 15 सितंबर तक चलने वाले सुन्न बहरी रोगी खोजी अभियान के तहत 10 सितंबर तक सर्च टीमों द्वारा कुल 515 संदिग्ध मामलों की जांच के उपरांत 57 लोगों में सुन्न बहरी रोग की पुष्टि हुई है। इस खोजी अभियान के लिए जिले में कुल 2513 टीमों का गठन किया गया है। जिनमें एक पुरुष, एक महिला शामिल है। सर्च टीमों द्वारा 10 सितंबर अर्थात 9 दिनों के अंदर 237809 घरों के सदस्यों की जांच की गई। जिनमें 201417 घर ऐसे हैं जिनमें समस्त सदस्यों की जांच हुई। 36394 घरों में कुछ सदस्य जांच से विभिन्न कारणों से वंचित रहे। अब तक 13 लाख 70 हजार 918 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है। इन व्यक्तियों की जांच के दौरान अब तक कुल 515 संदिग्ध मरीज सुन्न बहरी रोग से संबंधित पाए गए जिनमें 57 मामलों में सुन्न बहरी रोग की पुष्टि हो चुकी है। कंफर्म मरीजों में विकासखंड परदहां में 10, बड़रांव में 8,घोसी 5, दोहरीघाट 3, फतेहपुर मंडाव 5, रतनपुरा में 4,मुहम्मदाबादगोहना में 9,रानीपुर में 4, कोपागंज में 8 तथा मऊ शहर से एक मरीज शामिल है। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने वीडियो संदेश जारी कर जनपदवासियों से सुन्न बहरी रोग के लक्षण पाए जाने पर निःसंकोच आगे आकर जांच कराने की अपील की। समय रहते इस रोग का इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि त्वचा या शरीर पर कहीं भी फीके रंग के दाग धब्बे जिनमें आंशिक या पूर्ण रूप से सुन्नपन हो, चिकना चमकता हुआ तैलीय चेहरा या त्वचा, हाथ पैर के तलवे में सुन्नपन,उंगलियों में झनझनाहट, वस्तु को पकड़ने व उठाने में कमजोरी या वस्तुओं का छूट जाना, गर्म ठंडे का एहसास ना होना, चलते समय पैरों से जूते या चप्पल का निकल जाना, पैरों को घसीट कर चलना, आंखों को बंद करने में परेशानी, कर्ण पल्लव का मोटा होना या गांठे होना आदि सुन्न बहरी के लक्षण हैं। अगर किसी भी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण दिखाई दे, तो तत्काल इसकी जांच अवश्य कराएं।जिला प्रशासन द्वारा इस रोग का वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में निःशुल्क इलाज किया जाएगा। इसके अलावा इस रोग के इलाज में प्रयुक्त दवाएं भी पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने जनपद वासियों से अपील किया कि इस सुन्न बहरी रोगी खोजी अभियान के तहत सर्च टीमों को सहयोग दें, जिससे सभी लोगों की जांच संभव हो सके एवं आपके परिवार, वार्ड, ग्राम सभा एवं जनपद को सुन्न बहरी रोग से मुक्त किया जा सके।