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मणिकर्णिका घाट के संरचनात्मक हिस्सों को तोड़ना देश की सांस्कृतिक आत्मा पर हमला, VIDEO

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सोमवार को ज़िलाध्यक्ष राजमंगल यादव के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वाराणसी घाट के ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक, दोषियों पर कार्रवाई और विरासत की पुनर्स्थापना की स्पष्ट मांग की गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि लोकमाता अहिल्या बाई होलकर द्वारा निर्मित ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के संरचनात्मक हिस्सों को अचानक गिराया गया है, वह केवल एक निर्माण नहीं, देश की सांस्कृतिक आत्मा पर सीधा हमला है। यह इतिहास, परंपरा और महापुरुषों की विरासत को मिटाने की सुनियोजित साज़िश है। कहा कि सरकार देश के इतिहास और महापुरुषों की निशानियों को एक-एक कर मिटाने की कोशिश कर रही है, वह अक्षम्य और निंदनीय है। मणिकर्णिका घाट जैसे पवित्र स्थल से छेड़छाड़ करोड़ों भारतीयों की आस्था पर चोट है। मांग किया कि मणिकर्णिका घाट पर हुए ध्वस्तीकरण की न्यायिक जांच कराई जाए, विरासत संरचनाओं को नुकसान पहुँचाने वाले अधिकारियों/एजेंसियों पर कठोर कार्रवाई हो, ऐतिहासिक स्वरूप को तत्काल बहाल किया जाए। कहा कि भविष्य में किसी भी धरोहर पर कार्रवाई से पहले विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों की सहमति अनिवार्य हो। ज्ञापन देने वालों में हरिश्चंद्र यादव, उदय प्रताप राय, शिवाजी कन्नौजिया, रामकेश सिंह पटेल, मनोज गिहार, फ़हद क़ादिर, अमृतमल, हफीजुर्रहमान, महेंद्र सोनकर, आफ़ताब सिद्दीकी, मो. अनस, मंशा राजभर, सुरेश राजभर, कन्हैया गौंड, शाहिद फारूकी, उमर फारूक, परशुराम यादव, राजेश यादव, उपस्थित रहे।

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