मथुरा के चौमुहां विकास खंड कार्यालय पर सोमवार को पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के सरकारी आदेश का कड़ा विरोध किया। विरोध स्वरूप सभी कर्मचारियों ने अपने डिजिटल हस्ताक्षर वाले डोंगल सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) नवेश कुमार सुमन को सौंप दिए। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए ग्राम पंचायत सचिव वीरेश शर्मा ने बताया कि यह नई व्यवस्था उनके कार्य की प्रकृति के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि सचिवों का कार्य पूरी तरह से फील्ड आधारित होता है और एक सचिव के पास 4 से 9 ग्राम पंचायतों तक का प्रभार होता है। इतने विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र और बहुउद्देशीय कार्य प्रकृति के कारण किसी एक निश्चित स्थान और समय पर ऑनलाइन हाजिरी लगाना अव्यावहारिक है। विरोध के चलते सचिवों ने घोषणा की है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे कोई भी वित्तीय कार्य नहीं करेंगे। हालांकि, प्रशासनिक और विकासात्मक कार्य जारी रहेंगे। ग्राम विकास अधिकारी योगेश शर्मा ने मांग करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति की समान व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सरकार के रवैये को 'तानाशाही' बताया। ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार ने चेतावनी दी कि यदि आदेश जल्द वापस नहीं लिया गया तो उनका संगठन प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन करेगा। एडीओ पंचायत नवेश कुमार सुमन ने डोंगल प्राप्त करने की पुष्टि करते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत कराने और समस्या समाधान का आश्वासन दिया है।