फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला टूटने की दर्दनाक घटना में लोगों को बचाते हुए जान गंवाने वाले मथुरा निवासी जांबाज इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव डेंगरा पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजन और ग्रामीण अपने आंसू नहीं रोक सके और माहौल गमगीन हो गया। हरियाणा पुलिस के अधिकारियों और पुलिस कप्तान की मौजूदगी में इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पुलिस टीम द्वारा उन्हें सलामी दी गई और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। यमुना किनारे पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके पुत्र गौरव ने मुखाग्नि देकर अपने पिता को अंतिम विदाई दी। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों ने बताया कि जगदीश प्रसाद बेहद साहसी, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का मिश्रित माहौल बना हुआ है।