मैनपुरी के किशनी क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती से परेशान किसानों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। करीब एक दर्जन गांवों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने विद्युत उपखंड कार्यालय का घेराव कर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने पर्याप्त बिजली न मिलने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। किसानों का आरोप है कि उन्हें आठ घंटे निर्बाध बिजली देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर मुश्किल से दो से ढाई घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वह भी लगातार नहीं, बल्कि बार-बार कटौती के साथ। इससे धान की फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। गुरुवार को किशनी विद्युत उपखंड कार्यालय पर किसानों का हुजूम देखने को मिला। विभिन्न गांवों से आए किसानों ने बिजलीघर पहुंचकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों का कहना है कि वे सभी विद्युत उपभोक्ता और कनेक्शनधारी हैं, लेकिन सरकार की ओर से किए गए वादों के बावजूद उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच जहां आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं किसानों के लिए सिंचाई की समस्या और गंभीर हो गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो वे विद्युत उपखंड कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन में शामिल होने बाले किसान गांव सोनासी, नगला धुरा,रठेह,चांदा, हविलिया, पहाड़पुर, सुल्तानपुर आदि गांवों के प्रदीप यादव, उमेश आशीष नेम सिंह मुकेश भूरे सुरेश जय सिंह, मंसाराम, संदेश शाक्य, रामवीर, रामलखन आदि माैजूद रहे।