सुबह हुई बारिश से सरसों की पैदावार कर रहे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से सरसों की फसल के फूल झड़ने से किसानोंं को भारी नुकसान हुआ है। वहीं कई किसानों की गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। इससे किसान परेशान हो गए। हालांकि, यह बारिश चना, मटर और गेहूं के लिए फायदेमंद बताई जा रही है लेकिन जिन किसानों की फसलें खेतों में बिछ गईं, उन्हें नुकसान है। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाएं चलने लगीं व बारिश शुरू हो गई। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुबह 10 बजे के बाद बारिश थमी लेकिन इसके बाद पूरा दिन रुक-रुककर बूंदाबादी होती रही। बारिश से कई किसानों की गेहूं की फसल खेतोंं में बिछ जाने से भारी नुकसान हुआ। खेतों में पानी भर जाने से सब्जियों की फसलें भी बर्बाद हुईं। जनपद में रबी सीजन में इस बार करीब 2.18 लाख हेक्टेयर में रबी सीजन की फसलों की बोआई की गई है। इसमें गेहूं की फसल एक लाख हेक्टेयर में, सरसों और चना की 45-45 हजार हेक्टेयर में व मटर की 28 हजार हेक्टेयर में बोआई की गई है। बारिश से सर्वाधिक नुकसान सरसों को हुआ। फूल झड़ने से किसानों को बेहद कम पैदावार होने की आशंका है।