बुंदेलखंड की पठारी धरती पर मानसून मेहरबान हैं। एक माह की बारिश में ही जिले के सभी बांध पानी से लबालब हो गए हैं। यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित लहचूरा बांध के दो फाटक खोलकर 18 हजार क्यूसेक पानी धसान नदी में छोड़ा गया। इस दौरान आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को नदी के पास न आने के लिए सतर्क किया गया है। यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 237.43 मीटर है। गर्मियों में बांध का जलस्तर अपने डेड लेवल 228.30 मीटर पर पहुंच गया था। हालांकि, वर्षाकाल में अब बांध में 235.30 मीटर पानी आ गया है। पिछले छह साल में उर्मिल बांध में इतना पानी नहीं पहुंचा। उर्मिल बांध से ही महोबा शहर को पेयजल आपूर्ति दी जाती है। ऐसे में अब पूरे साल महोबा शहरवासियों को पर्याप्त पानी मिलता रहेगा।