भोजपुरी क्वीन के रूप में चर्चित कल्पना पटवारी के नाम महोत्सव की आखिरी शाम रही और उनके सुर ताल पर जनपद वासी झूमते रहे। उन्होंने छठ गीत उगी हे दीनानाथ के जरिये गीतों की प्रस्तुति शुरू की तो ऐसा लगा ही नहीं कि छठ पर्व खत्म हो गया है। महिलाओं को उनका यह गीत काफी पसंद आया। इसके बाद स्वर कोकिला दिवंगत शारदा सिन्हा का चर्चित गीत बलमुआ कइसे तेजब हे छोटी ननदी और कोयल बिन बगिया सुनाकार देर से सही लेकिन शाम सुहानी कर दी।