मोबाइल बच्चों के सेहत के लिए ठीक नहीं है। छुट्टी का समय चल रहा है। ऐसे में बच्चे ज्यादातर मोबाइल से चिपके रहते हैं। इसके अधिक प्रयोग से बच्चे चिड़चिड़े हो सकते हैं। जानकारों की माने तो बच्चों के मोबाइल के इस्तेमाल का समय और वे किस तरह का कंटेंट देख रहे हैं, माता-पिता को इस पर गौर करना चाहिए। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि मोबाइल में बच्चे गेम्स वगैरह ज्यादा देखते हैं। मोबाइल देखने से बच्चों के आंख की रेटिना, ब्रेन पर प्रभाव पड़ता है। मोबाइल में मारपीट और तमाम तरह की उत्तेजित करने वाली चीजें दिखाई जाती हैं। ऐसी एग्रेसिव चीजें देखने से बच्चे बहुत ज्यादा शैतानी करने लगते हैं।