तीर्थ चक्रवर्ती श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ने कहा जीवन में सफलता के मुकाम पर पहुंचने में जिनका योगदान रहा उनका आभार मानों। दुख के समय जब प्रभु के सामने विनती करते हो और जब सुख आता है तो भूल जाते हो ऐसा मत करो। प्रभु और गुरू जिनको अपना आराध्य मानते हो उनका आभार मानों। वह शुक्रवार को बाहुवलि नगर स्थित मंदिर पर पहुंचे और भगवान पारसनाथ के दर्शन कर प्रतिमा की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने दान की महिमा का वर्ण करते हुए कहा कि जैसा दान करोगे वैसा ही आगे मिलेगा। मुनि श्री ससंघ सुबह करीब 6.30 बजे श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र क्षेत्रपाल मंदिर निकल कर मुख्यमार्ग से नदी पार स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान पारसनाथ के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार के संबंध में चर्चा की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुनि श्री करीब 10.30 बजे वापस श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र क्षेत्रपाल मंदिर पहुंचे,जहां श्रावकों ने मुनिश्री के सानिध्य में भगवान अभिनंदन नाथ की शांति धारा की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रावक व श्राविकाएं मंदिर में मौजूद रहे। इस मौके पर जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत जैन खजुरिया, संजय जैन रसिया, विकास जैन, अभय जैन, जीवन जैन, पंकज जैन आदि मौजूद रहे।