बेमौसम बारिश ने एक बार फिर किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें गहरी कर दीं। सोमवार को दोपहर बाद हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम शुरू कर दिया। इससे किसान काफी मायूसी है। पिछले कुछ वर्षों से क्षेत्र के किसानों के साथ प्रकृति मजाक करती आ रही है। जब किसानों को फसल बोआई के समय खाद की आवश्यकता होती है, तब उसे कई दिनों तक दुकानों के चक्कर लगाना पड़ते हैं। वहीं, जब पानी की आवश्यकता होती, तब नहरों से पानी छुड़वाने और बिजली सुचारू होने का इंतजार करना पड़ता है लेकिन जब फसल पककर तैयार होती तब किसानों को बेमौसम बारिश का सामना करना पड़ता है। ऐसा क्षेत्र के किसानों के साथ पिछले कई वर्षो से होता आ रहा है।