लखीमपुर खीरी के मितौली क्षेत्र में गला दबाकर पांच साल की बच्ची अंशू की हत्या के मामले में पूछताछ को हिरासत में लिए गए व्यक्ति की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने शनिवार सुबह लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर कस्ता चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया। गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पीएसी को बुलाना पड़ा। तीन अप्रैल को पकरिया जलालपुर गांव में लापता पांच साल की बच्ची अंशू की गला दबाकर हत्या की गई थी। उसका शव घर से महज 100 दूरी पर बरामद हुआ था। इस मामले में ही पुलिस ने गांव के ही आसाराम को हिरासत में लिया था। रात में आसाराम की मौत हो गई। थानाध्यक्ष का कहना था कि बच्ची की हत्या में शुक्रवार की शाम चार बजे आसाराम को थाने लाया गया। आसाराम का पेट खराब था, उसको सीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रात करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने थाने में आसाराम को बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी जान गई। परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझा-बुझाकर लोगों का शांत कराया।