लखीमपुर खीरी के पलिया कोतवाली क्षेत्र के गांव देवीपुर गजरौरा और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार रविवार तड़के वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। बताया जाता है कि यह वही तेंदुआ है जिसने जनवरी में गांव देवीपुर के खेत में पांच वर्षीय मासूम आराध्यम को अपना निवाला बना लिया था। नवंबर 2025 में इसने खुशीपुर में एक आठ वर्षीय लड़की का भी शिकार किया था। इसके बाद भी उसने कई घटनाओं को अंजाम दिया था। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी और वह डर के साए में रह रहे थे। तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।