लखीमपुर खीरी में भूमि पैमाइश के जिस मामले में दोषी मानते हुए शासन ने एक आईएएस और तीन पीसीएस अफसरों को निलंबित किया है, उसमें आठ माह पूर्व पैमाइश हुई थी। यहां खास यह है कि पीड़ित ने पैमाइश के लिए पांच साल पहले मुकदमा दर्ज कराया था। पैमाइश में पांच साल लगने का मलाल तो पीड़ित को था ही, लेकिन जब दो दिन बाद ही विपक्षियों ने प्रशासन द्वारा की गई मेड़बंदी गिरा दी तो उनका सब्र जवाब दे गया। उनको पीड़ा ये भी है कि पांच हजार रुपये रिश्वत देने के बाद भी उनका काम मुकम्मल नहीं हो पाया। नकहा क्षेत्र के बंजरिया गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक विश्वेश्वर दयाल ने बताया कि अफसर निलंबित हुए हैं, लेकिन हमारा काम नहीं हुआ है।