कार्तिक पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त से ही जिले के लहरा, अल्लीपुर बरबारा, शहवाजपुर, हरि की पौड़ी एवं कादरगंज गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। पूरे दिन में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ स्नान का सिलसिला शाम तक चलता रहा। माथे पर त्रिपुंड चंदन लगाए श्रद्धालु हर हर गंगे के जयकारे लगाए। तीर्थनगरी की हरि की पौड़ी पर मंगलवार से ही राजस्थान, मध्य प्रदेश व सुदूर क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के पहुंचने का सलिसिला शुरू हो गया। तमाम श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी गंगा में डुबकी लगाई। ज्यादातर श्रद्धालु लहरा, कादरगंज सहित अन्य घाटों पर नजर आए। गंगाघाट पर भी श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ थी। कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या से ही श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया था। सुबह ब्रह्ममुहूर्त के साथ ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया, जो पूरे दिन चला। शाम के समय श्रद्धालुओं ने दीपदान किया। गंगातट पर पूजा अर्चना करके मिट्टी का दीपक दौने में रखकर प्रवाहित किए।