आप बच्चों को संकल्प लेना होगा। उनमें ज्ञान की जिज्ञासा, माता पिता के प्रति सम्मान, शिक्षकों के प्रति आदर होना चाहिए। यह छात्र जीवन कभी वापस नहीं आएगा। आप लोग जिज्ञासा रखें। आपके मन में करियर के लिए जो भी हो उस ओर कार्य करें। अगर आप खेल में जाना चाहते हैं तो जाएं। आपका मन जिस ओर है उस तरफ कार्य करें। समाज में जो विकार हैं उसको हटाने का एकमात्र साधन शिक्षा है। हर व्यक्ति को इसलिए शिक्षा का अधिकार दिया गया है। कभी तनाव न लें, गलतियां सभी से होती हैं। असफलता से न घबराएं। अगर आपने असफलता से सीख ले ली है तो आप जरूर कामयाब होंगे। मैं उद्यमियों से अपील करता हूं कि आप रिसर्च एंड डेवलेपमेंट पर खर्चा करें। यह बातें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कही। वह रविवार को सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल के स्वर्ण जयंती संस्थापक दिवस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हमारे मन में सदा रहना चाहिए कि भारत जैसा कोई दूसरा देश नहीं है। आप बहुत ही भाग्यशाली हैं। भारत किसी का मोहताज नहीं है। आज देश की जीडीपी ग्रोथ आठ प्रतिशत हो गई है। मुझे बढ़ा अच्छा लग रहा है कि आज जयपुरिया परिवार के सभी लोग उपस्थित हैं।